किसान आंदोलन में जिंदा जलाने का मामला: झज्जर से मुख्य आरोपी आंदोलनकारी व्यक्ति गिरफ्तार

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नई दिल्ली: किसान आंदोलन एक बार फिर से सवालों के घेरे में आया है. किसान आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों ने एक व्यक्ति को जिंदा जला दिया है. मृतक की पहचान हरियाणा के बहादुरगढ़ के एक गांव के रहने वाले मुकेश के रूप में हुई है. आरोप है कि मुकेश ने किसान आंदोलन में शामिल लोगों के साथ शराब पी थी. इसके बाद मुकेश और आंदोलन में शामिल लोगों में कुछ कहासुनी हो गई, फिर इस पर आंदोलन में शामिल लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया.

मुख्य आरोपी को पुलिस ने किया गिरप्तार

पुलिस ने हरियाणा के झज्जर से मुख्य आरोपी कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया है. शुरुआती जांच में पता चला है कि इस घटना में 4 लोग शामिल थे. पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे.

तेल छिड़ककर जिंदा जलाया

किसान आंदोलन में गए मुकेश पर तेल छिड़ककर आग लगा दी गई. फिर आनन-फानन में गंभीर रूप से झुलसे मुकेश को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ कुछ घंटों बाद उनकी मौत हो गई.

प्रदर्शनकारियों ने रची शहीद बताने की साजिश

मुकेश के आरोपियों ने उनकी हत्या करने के बाद उसे शहीद बताने की कोशिश की थी. दरअसल प्रदर्शनकारी ये जताना चाहते थे कि कृषि कानूनों के विरोध में मुकेश ने खुद को आग लगाई है. जबकि सच्चाई ये है कि प्रदर्शनकारियों ने मुकेश को खुद ही आग के हवाले किया.

मृतक के परिजनों ने लगाए आरोप

मृतक मुकेश के परिवार का आरोप है कि घटना के चारों आरोपी टिकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का हिस्सा हैं. पोस्टमार्टम के बाद मुकेश के गाँव वालो ने शव को अस्‍पताल के सामने रखकर प्रदर्शन किया. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है.

मुख्यमंत्री ने की गृह मंत्री अमित शाह से बात

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर ने कहा है कि आंदोलन में अनैतिक काम हो रहे हैं. गृह मंत्री अमित शाह से किसान आंदोलन पर बात हुई है. किसान आंदोलन स्थल पर अनैतिक गतिविधियां और हिंसा चिंता का विषय बन गया हैं. सिंघु बॉर्डर या टिकरी बॉर्डर हो स्थानीय लोग उनका विरोध कर ही रहे हैं.

किसान नेता का पलटवार

मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर के किसान आंदोलन के नाम पर अनैतिक कार्य वाले बयान पर BKU हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि खट्टर साहब ने बयान दिया है कि आंदोलन शांति से नही चल रहा है. अब आंदोलन में अनैतिक काम भी होने लगे हैं. क्या-क्या अनाप-शनाप बोल रहे हैं खट्टर साहब? लेकिन हम बताना चाहते हैं कि इससे बड़ा और क्या सबूत है कि 7 महीने से आंदोलन शांतिपूर्वक चल रहा है.

राकेश टिकैत का बयान

भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि वहां कुछ लोग शराब पी रहे थे. वहां एक व्यक्ति ने आत्महत्या या अगर किसी ने जलाया भी है तो दुखद घटना है ये. इसकी जांच होनी चाहिए, किसान आंदोलन पूर्ण रूप से शांतिपूर्ण है.

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