लखनऊ: यूपी की योगी सरकार ने इस साल की कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है. अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने शनिवार को जानकारी दी कि राज्य सरकार की अपील के कारण कांवड़ संघों ने यात्रा रद्द करने का फैसला लिया. कांवड़ यात्रा इस साल जुलाई के महीने में ही शुरू होती है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सभी भावनाएं जीवन के अधिकार के अधीन हैं, कोर्ट ने UP सरकार को 19 जुलाई तक कांवड़ यात्रा के आयोजित करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था.
कोर्ट की बड़ी बाते
कोर्ट ने कहा, ‘कोरोना के कारण यूपी सरकार कांवड़ यात्रा करने वाले लोगों की 100% उपस्थिति की इजाजत नहीं दे सकती. हम सभी इसी देश के नागरिक हैं. अनुच्छेद 21 हम सभी पर भी लागू होता है. यह सब हमारी सुरक्षा के लिए है.’ यूपी सरकार ने शुक्रवार को कहा था कि वह कोरोना की स्थिति को ध्यान में रखते हुए हम ‘कांवड़ संघों’ से बात कर रहे है और सरकार का प्रयास है कि महामारी से भी बचाव हो जाए और धार्मिक भावनाएं भी प्रभावित न हों.
उत्तराखंड सरकार ने रद्द की थी यात्रा
उत्तराखंड सरकार ने इस हफ्ते के शुरु में ही इस कांवड़ यात्रा को रद्द कर दिया था, जिसमें हजारों शिव भक्त लोग पैदल चलकर गंगाजल लेने हरिद्वार जाते हैं. न्यायमूर्ति बी आर गवई और आर एफ नरीमन की पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार जीवन का अधिकार सर्वोपरि है. पीठ ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से कहा था कि क्या वो कांवड़ की यात्रा के चालू रखने के फैसले पर दोबारा विचार करने को तैयार है.
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